Hello Friends Welcome to HindiComputer.In, आज इस आर्टिकल में हम Logic Gates के बारे में discuss करेंगे। Logic Gates क्या होते है, साथ ही Logic Gates के 7 प्रकार (AND, OR, NOT, NAND, NOR, XOR, and XNOR) पर विस्तार में चर्चा करेंगे।
Table of Contents
Logic Gates क्या होते है
Digital Computers में बाइनरी इनफार्मेशन को Signals में represent किया जाता है। Voltage के रूप में यह electrical signal कंप्यूटर में मौजूद होता है, जो दो अवस्थाये 0 और 1 में ही हो सकता है। या तो यह 0 होगा या 1, इन्हे Binary Variable कहते है।
आम भाषा में 1 को True और 0 को false कहा जाता है। Logic Circuits की सहायता से इन Binary Variables पर logical Operations किये जाते है। इन Logic Circuits को Logic Gates कहा जाता है।
Logic Gates, Hardware का हिस्सा होते है जो सही इनपुट प्राप्त होने पर 0 और 1 के रूप में signals Generate करते है। Digital Computers में कई तरह के Logic गेट्स का प्रयोग होता है जो इनपुट मिलने पर अलग अलग आउटपुट generate करते है।
इनके आउटपुट को समझने के लिए Truth Table का प्रयोग किया जाता है। हर Gate को अलग अलग Symbol से रिप्रेजेंट किया जाता है। जिनके बारे में हम आगे पढ़ेंगे। हर गेट में 1 या एक से अधिक इनपुट हो सकते है लेकिन Output हमेशा सिंगल ही होगा।
Truth Table
Truth Table का प्रयोग Input और Output के मध्य रिलेशन को समझने के लिए किया जाता है। इस टेबल में किसी लॉजिक गेट के आउटपुट या एक से ज्यादा logic gates के combinations के आउटपुट को represent किया जाता है। इनपुट में हर possible इनपुट या combinations के हर Possible Inputs को लिया जाता है। जैसे इनपुट में 0 या 1 या 1और 1 इत्यादि।
Truth Table कि सहायता से logic gates के outputs को समझने में मदद मिलती है जिससे logic gate circuits को design करने में मदद मिलती है। अतः Logic Gates को समझने के लिए Truth Table अत्यंत जरुरी है।
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Types Of Logic Gates | Logic Gates के प्रकार
AND Gate
AND Gate का प्रयोग "AND Logic Function" को प्राप्त करने के लिए किया जाता है। इस Gate में दो इनपुट A और B दिये जाते है और Y Output प्राप्त किया जाता है। AND Gate में दोनों input 1,1 होने पर ही output में 1 मिलता है अन्यथा 0 आउटपुट मिलता है। AND Gate के input और output relation को आप निचे दी गयी truth table की सहायता से समझ सकते है।
OR Gate
OR Gate का प्रयोग "OR Logic Function" को प्राप्त करने के लिए किया जाता है। OR Gate में दो इनपुट A और B दिये जाते है और Y Output प्राप्त किया जाता है। इस Gate में दोनों input 0,0 होने पर ही output में 0 प्राप्त होता है अन्यथा 1 आउटपुट मिलता है। OR Gate के input और output relation को आप निचे दी गयी truth table की सहायता से समझ सकते है।
NOT Gate
NOT Gate को Inverter भी कहते है। यह single input पर operation perform करता है। इस गेट का उद्देश्य इनपुट को reverse या विपरीत करना है। जैसे इनपुट में 0 है तो यह उसे 1 कर देता है और अगर इनपुट में 1 है तो ये उसे 0 कर देता है। दूसरे शब्दो में यह आउटपुट के रूप में इनपुट का "Logical Complement" देता है।
अगर आप इसके Symbol को देखेंगे तो आप पाएंगे की त्रिभुजाकार आकृति के साथ एक छोटा सा bubble जुड़ा हुआ है जिसका अर्थ यही है की इनपुट को reverse किया जायेगा। इस गोलाकार bubble की सहायता से आपको NOT gate के symbol को पहचानने में आसानी होगी।
NOT Gate के Truth Table में आप देख सकते है की इसमें एक input A और एक output Y है, output Y इनपुट का विपरीत होगा। NOT Gate को logical expression: A = NOT Y से समझा जा सकता है जहा A इनपुट और Y Output है।
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NAND Gate
NAND Gate का अर्थ होता है "NOT AND". यह AND Gate और NOT Gate से मिलकर बना होता है। इसका मतलब यह Gate, AND Gate से प्राप्त output को reverse कर देता है मतलब उसका "logical Compliment" कर देता है। आपने ऊपर AND Gate Truth Table तो देखी ही होगी, यह गेट उसके output को reverse कर देगा, अगर output 1 है तो उसे 0 और output 0 है तो उसे 1 कर देगा। NAND Gate दो Binary Inputs से एक Single Binary Output प्रदान करता है।
जैसा की आप Truth Table में देख सकते है, NAND Gate का Output 0 होता है जब दोनों इनपुट 1 हो अन्यथा इसका output 1 होगा, ये output AND Gate के एकदम विपरीत है।
NOR gate
NOR Gate का अर्थ "NOT OR" Gate होता है। यह OR तथा NOT Gate से मिलकर बना होता है। यह दो Binary Inputs ग्रहण करता है तथा एक single Binary Output प्रदान करता है। आप NOR गेट को OR गेट का logical complement भी कह सकते है।
NOR Gate की Truth Table में आप देख सकते है की जब दोनों inputs 0 होते है तो output 1 होता है और अगर दोनों inputs 1 है तो output 0 होता है।
NOR Gate की सहयता से Complex Boolean expressions को सरल बनाने में मदद मिलती है। इसके साथ ही इनका प्रयोग microprocessors में control unit को design करने में भी किया जाता है।
XOR Gate
XOR Gate को "Exclusive OR" गेट कहते है। यह दो binary inputs ग्रहण करता है तथा एक single binary output प्रदान करता है। इसका symbol OR Gate की तरह ही होता है बस उसमे एक curve जोड़ दिया जाता है।
जैसा की आप XOR Gate की Truth Table में देख सकते है, जब दोनों इनपुट एक समान होते है( या तो दोनों 1,1 या 0,0) तो output 0 प्राप्त होता है। और जब दोनों इनपुट अलग-अलग हो ( या तो 1,0 या 0,1) तब आउटपुट में 1 प्राप्त होता है।
XOR Gate का प्रयोग arithmetic operations, error detection, encryption, data selection आदि में किया जाता है।
XNOR Gate
XNOR Gate को "Exclusive NOR" gate कहते है। यह गेट XOR की तरह ही काम करता है बस यह XOR के आउटपुट का "logical complement" प्रदान करता है। यह दो binary inputs को ग्रहण करता है और एक single binary output प्रदान करता है।
जैसा की आप XNOR गेट की Truth Table में देख सकते है, जब inputs एक समान हो( 1,1 या 0,0) तब output में 1 प्राप्त होता है। तथा जब इनपुट एक समान ना हो( 1,0 या 0,1) तब आउटपुट में 0 प्राप्त होता है। इसका मतलब XNOR के output XOR के opposite होते है। XNOR का प्रयोग data synchronization और data multiplexing में किया जाता है।
इस आर्टिकल में हमने "Logic Gates क्या होते है", "logic gates के प्रकार" आदि को Truth Table की सहायता से समझा। अगर आपको ये जानकारी पढ़ने में अच्छी लगी तो आप "Computer System Architecture" पर हमारे अन्य लेख जरूर पढ़े। ये लेख आपके concepts को और अधिक clear करेंगे। आप अपने प्रश्न comment box में पूछ सकते है।